Tuesday, August 13, 2013

प्रैक्टिकल


रीता ने अपने बेटी से पूछा, “ये कौन है?” पूजा ने कहा वो अनिल है माँ ! माय बेस्ट फ्रेंड ! वह बहुत अच्छा है ! अनिल का नाम सुनते ही पूजा के चहक उठने को कई बार रीता ने महसूस किया था. रीता पूजा को अनिल से दूर रहने को समझाना चाहती थी..लेकिन पूजा अक्सर कहती थी, “माँ वो इतना क्यूट है की उससे बात करते हुए वक्त का पता ही नहीं चलता,,,सब कुछ अच्छा लगता है!रीता को लगा जैसे पूजा को प्यार हो गया ह, लेकिन वो उससे पूछे तो कैसे ? रीता ने एक रोज पूजा से कहा, “बेटी दोस्ती बड़ी अनमोल होती है, लेकिन तेरा ये एहसास प्यार की तरफ इशारा करता है, बेटी, देख ! कहीं चोट न लग जाये तुझे...संभलना जरा ! पूजा ने हँसते हुए कहा, डोंट बी सिली ! माम् ! मैं उसे पसंद करती हूँ, लेकिन इसका मतलब ये नहीं की मैं उससे शादी कर लूँ..या भाग जाऊ......दोस्ती,प्यार और शादी के अंतर को समझती हूँ....लेकिन मैं इसमें से किसी भी फिलिंग को मिस करना नहीं चाहती...मैं जानती हूँ माँ ! भावावेश में आकर कोई निर्णय नहीं लिया जाता,,,....जानती हो, जब मैं परेशान होती हूँ तो अनिल ही मुझे समझाता है,..रीता ने खुश होकर पूजा का माथा चूम लिया, और सोचने लगी आज की पीढ़ी कितनी प्रैक्टिकल है...


----------सौरभ

1 comment:

Angad Yadav said...

ha ye to hai bhai jn