Thursday, July 11, 2013

तैयारी


"" मेरा काम लोगों को कीचड़ से बाहर निकालना नहीं, बस उन्हें सफाई के फायदे महसूस करा देना है.." बाहर तो वो अपने आप निकल आएंगे”  राहुल ने मेज ठोक कर कहा... पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा.. पापा माँ को बताते हुए कितने खुश थे, कितना बढ़िया बोलता है, राहुल !माँ ठंडी आह भरकर बोली थी, “हाँ ! बोल के अपनी जिम्मेदारी से फिर भाग निकला.

पापा ने हँसते हुए कहा था, “आखिर आदमी पढता लिखता इसी लिए तो है..कि कैसे दूसरे को दोषी ठहराएसहसा गंभीर हो गए थे वो और माँ से कहा था, “सुनो ! तैयार रहो, अपना भविष्य दिख रहा है, हमें अकेले ही जीना है... सो कोई अपेक्षा मत रखना, राहुल सेआज से ही अकेले रहने की तैयारी करनी शुरू कर दो...... बस इतना ही रोल है, हमारा.....और खामोश हो गए.....अब दोनों के पास शब्द नहीं थे...
                                           -------------सौरभ 

No comments: