Tuesday, May 7, 2013

बहाने मिल गए




फिर हमको हंसने के,बहाने से मिल गए,,
जैसे खोये खिलौने सारे, पुराने से मिल गए,,

भावों से भरे थे हम, शब्दों से छिटककर.. 
उन बेआवाज गीतों को , तराने से मिल गए,,

कुछ गीत बज गए, कुछ गाने से मिल गए,,
हमें फिर से हंसने के, नए बहाने से मिल गए... 

-------------------सौरभ-------
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