Tuesday, November 27, 2012

क्योंकि तुम महान हो....



देते रहो तुम इन्तेहाँ क्योंकि तुम महान हो...
हो जाओ तुम कुर्बान क्योंकि तुम महान हो..

हमारा काम है चोरी, सो तो हम करते ही रहेंगे..
तुम चलो सच के रस्ते, क्योंकि तूम महान हो..

ये भी सुनो, तुम्हें कभी चैन से जीने  नहीं देंगे....
हर  बार हमें माफ़ करना, क्योंकि तुम महान हो..

न जाने दुनिया हमको किस रूप में याद करेगी..
तेरा नाम होगा हर जगह, क्योंकि तुम महान हो..



Thursday, November 8, 2012

हमारी जंग उनसे है,



हमारी जंग उनसे है, जिन्हें  हम प्यार करते हैं। 
बड़े मासूम हैं वो, जो खुल के वार करते हैं।। 

हमारी हार तय है  इसमें, ये भी हमें मालूम. 
हमें तो देखना है, तेरी कोई  हद भी है कहीं ?